भारत के नए Labour Law Codes 2025: पूरी जानकारी, फायदे और मुख्य बदलाव

भारत के नए Labour Law Codes 2025: पूरी जानकारी, फायदे और मुख्य बदलाव ; भारत में वर्षों से लागू 40 से अधिक श्रम कानूनों को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और एक समान ढाँचा तैयार करने के लिए सरकार ने इन्हें चार बड़े Labour Codes में समेकित किया है। इन कोड्स का उद्देश्य है—कामगारों की सुरक्षा, व्यापार करने में आसानी, और नए रोजगार अवसरों का निर्माण।

भारत के नए Labour Law Codes 2025: पूरी जानकारी, फायदे और मुख्य बदलाव

भारत के Labour Law Codes: एक आसान और संपूर्ण मार्गदर्शिका
(A Complete Guide to India’s New Labour Law Codes in Hindi)

1. Labour Codes क्यों बनाए गए?

भारत के पुराने श्रम कानूनों में कई बार

नियम बहुत जटिल,

प्रक्रियाएँ लंबी,

और अनुपालन कठिन
होते थे।

नई श्रम संहिताएँ इन समस्याओं को हल करने के लिए बनाई गई हैं। इनके मुख्य लक्ष्य हैं:

सरल और आधुनिक श्रम कानून

बिज़नेस फ्रेंडली माहौल

कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा

एक ही तरह के नियम पूरे देश में

2. भारत की चार प्रमुख Labour Law Codes

भारत के नए Labour Law Codes 2025: पूरी जानकारी, फायदे और मुख्य बदलाव
भारत के नए Labour Law Codes 2025: पूरी जानकारी, फायदे और मुख्य बदलाव

(1) वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages)

यह चार अलग-अलग कानूनों को शामिल करता है:

  • Minimum Wages Act
  • Payment of Wages Act
  • Equal Remuneration Act
  • Bonus Act

मुख्य विशेषताएँ:

  • सभी कर्मचारियों के लिए एक समान “मिनिमम वेज” नियम
  • समय पर वेतन भुगतान की गारंटी
  • पुरुष और महिला को समान काम के लिए समान वेतन
  • बोनस के नियम सरल किए गए

(2) औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code)

यह तीन कानूनों को जोड़ता है:

  • Industrial Disputes Act
  • Trade Unions Act
  • Industrial Employment (Standing Orders) Act

मुख्य बातें:

  • उद्योगों में हड़ताल से पहले नोटिस देना अनिवार्य
  • विवाद समाधान की प्रक्रिया और भी साफ
  • कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या के अनुसार अधिक स्वतंत्रता
  • ट्रेड यूनियनों की मान्यता के लिए स्पष्ट नियम

(3) सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Social Security Code)

यह Employees’ Provident Fund, ESI, Maternity Benefit, Gratuity आदि सभी योजनाओं को एक साथ लाता है।

क्या बदलता है?
  • PF, पेंशन, ESI, ग्रेच्युटी – सब एक फ्रेमवर्क में
  • Gig workers और platform workers (Zomato, Uber आदि) को भी सामाजिक सुरक्षा
  • एक यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर (UAN) का प्रावधान

(4) व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-परिस्थितियाँ संहिता, 2020 (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code)

यह 13 पुराने कानूनों को एक जगह लाता है।

मुख्य बिंदु:

  • उद्योगों में सुरक्षा और स्वास्थ्य के आधुनिक मानक
  • काम के घंटे और ओवरटाइम के स्पष्ट नियम
  • Inter-state Migrant Workers के लिए रजिस्ट्रेशन
  • महिलाओं के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियाँ

3. Labour Codes लागू कब होंगे?

भारत सरकार ने 21 नवंबर, 2025 से चार व्यापक श्रम संहिताओं (Labour Codes) को लागू कर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिन्होंने 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों की जगह ली है। इस बड़े बदलाव का उद्देश्य श्रम बाजार को आधुनिक बनाना, श्रमिकों के कल्याण को बढ़ाना और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ (व्यापार करने में आसानी) को बढ़ावा देना है।

 

4. Labour Codes से किसे लाभ होगा?

कर्मचारियों को:

  • सामाजिक सुरक्षा में सुधार
  • बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक
  • वेतन और बोनस के पारदर्शी नियम
  • महिलाओं और गिग वर्कर्स के लिए अवसर

नियोक्ताओं को:

  • 40 कानूनों की जगह सिर्फ 4 कोड
  • अनुपालन (compliance) आसान
  • विवादों का तेज निपटारा
  • एक देश–एक नीति जैसा ढाँचा
5. निष्कर्ष
नई Labour Law Codes भारत के श्रम ढाँचे को अधिक सरल, आधुनिक, और न्यायसंगत बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इनसे कामगारों और उद्योगों दोनों को लाभ होगा, और देश में रोजगार तथा निवेश का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है।

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