Ayodhya Dham Ghumne ke Mukhya Paryatak Sathal
Top 10 Places in Ayodhya
1. राम मंदिर
जैसा कि हम आपको बता दें की अयोध्या का राम मंदिर भगवान श्री राम की जन्म भूमि पर स्थित है जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है इतिहास के अनुसार इसी स्थान पर भगवान राम का जन्म हुआ था और कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहां एक भव्य विशाल मंदिर था जिसे 16वीं शताब्दी में मुगल शासक बाबर के समय ध्वस्त कर दिया गया था और वहां बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया गया था सदियों तक इस स्थल को लेकर विवाद चला रहा 1949 में वहां राम जी की मूर्ति का प्रमाण मिला जिसके बाद यह स्थान धार्मिक और कानूनी विवाद का केंद्र बन गया कई दशकों तक मामला अदालत में चला रहा अंत में 9 नवंबर 2019 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि रामलला विराजमान को सौंप दिया इसके बाद 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन करके मंदिर का निर्माण शुभारंभ हुआ और 22 जनवरी 2024 को हमारे अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि का माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा राम मंदिर उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था तब से अयोध्या में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन जारी है आप अयोध्या जाकर राम मंदिर का दर्शन कर सकते हैं और श्री राम जी के अद्भुत बाल छबि का दर्शन भी कर सकते हैं मंदिर के दर्शन का जो समय है सुबह का समय 6:30 से 11:30 तक का है और शाम का समय 4:00 बजे से 9:00 बजे तक का है आप किसी भी शहर से हो सभी शहर से ट्रेन अयोध्या के लिए आती हैं और आप ट्रेन से सुगमता से आकर श्री राम लला का दर्शन कर सकते हैं राम मंदिर के दर्शन का कोई शुल्क नहीं है

2.हनुमान गढ़ी
जैसा कि कहा गया है राम जी हनुमान जी के बिना अधूरे हैं तो इस प्रकार कुछ मान्यताएं हैं और माना गया है कि राम मंदिर के दर्शन करने से पहले हनुमान जी के दर्शन करने से आपके राम मंदिर की यात्रा पूरी होती है या 10वीं शताब्दी का हनुमान जी का मंदिर है जिसमें हनुमान जी की 6 इंच की मूर्ति है तो आप अगर अयोध्या आते हैं तो सबसे पहले हनुमान जी के दर्शन हनुमानगढ़ी पर आकर अवश्य करें हनुमानगढ़ी मंदिर सुबह 5:00 से लेकर रात 10:00 तक खुली रहती है और आप आसानी से आकर हनुमान जी के दर्शन करके अपने राम जन्मभूमि की यात्रा को सुखद बना सकते हैं

3. सीता रसोई
जैसा कि हम नाम से स्पष्ट होता है की यह दिव्य रसोई माता सीता की रसोई है यह पवित्र स्थल राम मंदिर के उत्तर पश्चिम में स्थित है इस मंदिर के विषय में लोगों का मानना है की राम जी , लक्ष्मण जी,भारत जी और शत्रुघ्न जी के साथ मां सीता,उर्मिला, मांडवी और श्रुति कीर्ति जी इस स्थल पर रहती थी और भोजन पकाती थी और भोजन बनाने की परंपरा आज भी यहां पर है बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं को यहां पर भोजन की निशुल्क व्यवस्था है यह रसोई सुबह 8:00 बजे से लेकर रात्रि 10:00 तक स्वादिष्ट भोजन मिलता है

4. कनक भवन
यह मंदिर हनुमानगढ़ी से कुछ ही दूर पर रामकोट के उत्तर पूर्व में स्थित है यह अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में से एक है कहा जाता है कि भगवान श्री राम के विवाह के पश्चात माता कैकई द्वारा उन्हें उपहार में दिया गया था यहां पर श्री राम जी और माता जानकी जी की मूर्ति स्थापित है आप इस मंदिर परिसर में बैठकर रामचरितमानस का पाठ कर सकते हैं और वहां पर आयोजित संगीत का और भजन का भी आनंद उठा सकते हैं

5. राम की पैड़ी
राम की पैड़ी मां सरयू के किनारे स्थित घाटों की एक श्रृंखला है इस घाट में आप स्नान करके अपने मन को शांत कर सकते हैं अयोध्या दीपोत्सव के समय इन्हीं घाटों पे दीप प्रज्वलित करके अयोध्या को जगमग किया जाता है और यहां पर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा उसी दिन दीप प्रज्वलन का शुभारंभ करके दिवाली मनाई जाती है और यहां पर भगवान श्री राम के बाल्यावस्था और सभी रूपों का लेजर शो के माध्यम से दर्शाया जाता है और अयोध्यावासी खुश होकर पटाखे जलाकर इस प्रकार दिवाली मनाते हैं

6. गुप्तार घाट
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम ने पृथ्वी त्याग कर अपने मूल निवास बैकुंठ जाने के लिए यहीं पर अंतिम समाधि ली थी लोगों की मान्यता है कि इस स्थान पर सरयू जी में स्नान करने से जन्म जन्म के पाप धुल जाते हैं यहां पर श्रद्धालु आकर संगीत कार्यक्रम का आयोजन भी करते हैं और यहां पर बैठने का उचित स्थान भी है आप यहां आकर घूम सकते हैं और यहां पर नाव भी चलती और यहां पर आप नाव पर बैठकर सरयू नदी का भ्रमण कर सकते हैं यह स्थान सुबह से लेकर रात्रि तक खुला रहता है आप कभी भी जाकर यहां पर घूम सकते हैं

7. नागेश्वर नाथ मंदिर
यह नागेश्वर नाथ मंदिर राम की पैड़ी से एकदम सटा हुआ है यह भगवान शिव का मंदिर है जिन्हें सांपों का देवता कहा जाता है। इसके गर्भ ग्रह में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थापित है हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार श्रद्धालुओं का मानना है भगवान राम के पुत्र कुश ने यह मंदिर नागकन्या के लिए बनवाया था या मंदिर आकर्षण का केंद्र है। आप यहां पर जाकर ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकते हैं और यह मंदिर सुबह 5:00 से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक खुला रहता है

8. सूरजकुंड
सूरजकुंड अयोध्या से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दर्शन नगर में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। यह कुंड सूर्य देव को समर्पित है। सरकार ने यह स्थल पर्यटन स्थल बनाया है आप यहां जाकर शाम को प्रकाश ध्वनि शो को देख सकते हैं जो सूरजकुंड को रामायण से जोड़ता है।

9. लता मंगेशकर चौक
यह सरयू घाट (नया घाट) और रामपथ को जोड़ने वाली सड़क पर स्थित है यह श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। घाट पर 10.8 मी लंबी और 14 टन वजन का बीड़ा स्थापित किया गया है। जो इसे अयोध्या का अनोखा स्थल बनाती है।
इसका उद्घाटन महान गायिका लता मंगेशकर की 93वीं जयंती पर किया गया था यह लता मंगेशकर चौक अपनी विशेषता के लिए आकर्षण का कें

10. वाल्मीकि भवन
श्रद्धालुओं का मानना है कि महर्षि वाल्मीकि इसी आश्रम में रामायण की रचना की थी या वही स्थान है जहां वाल्मीकि जी अपनी कुटिया बनाकर रहते थे। इस स्थल की ऐतिहासिक जड़े प्राचीन काल से हैं। जो अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है। आप इस भवन के दीवारों पर पूरा रामायण देख सकते हैं इसका निर्माण बहुमूल्य पत्थरों से किया गया है। जो कि इसकी भव्यता से स्पष्ट होता है
